

"झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में ED ने ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिससे अब भ्रष्टाचार के आर्थिक नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।"
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं का मामला अब और गंभीर हो गया है। इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आधिकारिक रूप से एंट्री कर ली है और जांच के लिए ECIR दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब जांच का दायरा केवल परीक्षा में गड़बड़ी तक सीमित न रहकर कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) तक फैल गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ED ने राज्य CID द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (कांड संख्या 16/26) को आधार बनाकर अपनी जांच प्रक्रिया शुरू की है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या परीक्षा धांधली के पीछे कोई बड़ा आर्थिक रैकेट सक्रिय था और अवैध रूप से अर्जित धन को किन रास्तों से ठिकाने लगाया गया।
बता दें कि इस मामले में CID पहले ही सक्रिय भूमिका निभा रही है और अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से भी CID ने चार चरणों में पूछताछ की है।
रांची में चल रहे इस विवाद के बीच, जहां एक ओर छात्र लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं ED की एंट्री ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच में कौन से बड़े चेहरे और नेटवर्क बेनकाब होते हैं।





