

"जेपीएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच बोकारो प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीआईडी का नोटिस वर्तमान नहीं बल्कि पूर्व डीपीआरओ को जारी हुआ है।"
बोकारो में जेपीएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। प्रशासन ने बताया कि सीआईडी की ओर से जांच के सिलसिले में केवल पूर्व जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) को नोटिस भेजा गया है। वर्तमान डीपीआरओ रवि कुमार को लेकर चल रही खबरें पूरी तरह से भ्रामक और निराधार हैं।
जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा और वर्तमान डीपीआरओ रवि कुमार को सीआईडी की ओर से किसी भी प्रकार का कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। जिला प्रशासन ने मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से आग्रह किया है कि किसी भी संवेदनशील खबर को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की गंभीरता से पुष्टि कर लेनी चाहिए ताकि गलत जानकारी न फैले।

गौरतलब है कि सीआईडी वर्तमान में जेपीएससी-सीजीएल परीक्षा में हुई कथित धांधलियों की गहन जांच कर रही है। इस प्रक्रिया में बोकारो से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इसी कड़ी में सीआईडी ने पूर्व डीपीआरओ को पूछताछ के लिए समन भेजा है, जिन्हें निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।
जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा के आयोजन और उससे संबंधित दस्तावेजों के प्रबंधन में किन लोगों की भूमिका संदिग्ध थी। प्रशासन के स्पष्टीकरण के बाद अब पूरा मामला पूर्व अधिकारी के नोटिस पर केंद्रित हो गया है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।





