

"झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 2019 के बाद की सभी भर्ती परीक्षाओं की हाईकोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है।"
झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। रांची में आयोजित झारखंड एनडीए विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में छात्रों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले को केवल 'पेपर लीक' नहीं, बल्कि 'पेपर फिक्स' का घोटाला करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जहाँ कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। भाजपा ने राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी (CID) जांच को महज एक औपचारिकता बताया है और उच्च न्यायालय की निगरानी में CBI जांच की मांग की है।
भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहते हैं, तो उन्हें हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। भाजपा ने 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है।





