

"झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने CBI से निष्पक्ष जांच और अहम सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है।"
झारखंड में JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने याचिका दाखिल कर परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की CBI से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की है। इस याचिका पर 21 अगस्त 2026 को सुनवाई प्रस्तावित है।
याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से सिस्टम में व्याप्त 'व्यवस्थित भ्रष्टाचार' का समाधान नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जांच को राज्य एजेंसी से हटाकर CBI को सौंपा जाए ताकि मामले की तह तक जाया जा सके।
इसके साथ ही, महत्वपूर्ण साक्ष्यों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। याचिका में मांग की गई है कि मूल OMR शीट, अभ्यर्थियों के पास मौजूद कार्बन कॉपी, CCTV फुटेज और सर्वर ऑडिट लॉग को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए, ताकि सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।
गौरतलब है कि झारखंड में लंबे समय से छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर आंदोलनरत हैं। जहां एक ओर झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच की मांग ने इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की निगाहें 21 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं।





