

"MMDR संशोधन बिल के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) आज राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर रहा है। पार्टी खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को तेज करने की तैयारी में है।"
झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों की रक्षा को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। MMDR संशोधन बिल के विरोध में आज राज्यभर के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों पर JMM कार्यकर्ता जोरदार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी का साफ कहना है कि खनिज संपदा और उससे मिलने वाले राजस्व पर राज्यों के हक से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र के प्रस्तावित बदलावों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
झामुमो नेतृत्व ने अपने सभी कार्यकर्ताओं और स्थानीय इकाइयों से इस आंदोलन में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से खनिज संपदा की लूट रोकने और राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा करने की मांग को जनता के बीच प्रमुखता से उठा रही है। राजधानी रांची सहित विभिन्न जिलों में सुबह से ही कार्यकर्ता प्रखंड कार्यालयों के बाहर तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस पूरे आंदोलन के मुख्य एजेंडे में MMDR संशोधन बिल का पुरजोर विरोध, झारखंड के खनिज संसाधनों पर स्थानीय और राज्य सरकार के पूर्ण अधिकार की मांग, तथा खनिज राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। JMM का मानना है कि यदि इस संशोधन को लागू किया जाता है, तो इससे राज्य के आर्थिक हितों को गहरा नुकसान पहुंचेगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए आगामी 26 सितंबर को रांची में लोक भवन मार्च का ऐलान किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि MMDR संशोधन बिल आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति का सबसे बड़ा और गरमाता हुआ मुद्दा बनने जा रहा है, जिससे राज्य में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है।





