

"झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया पर कार्टून पोस्ट शेयर कर बीजेपी पर राज्य के खनिज संसाधनों को लूटने में मदद करने का गंभीर आरोप लगाया है।"
झारखंड की राजनीति में खनिजों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया है। पार्टी ने एक व्यंग्यात्मक कार्टून पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा नेता राज्य की खनिज संपदा को लूटने में पूरी ताकत से सहयोग कर रहे हैं।
यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर राज्य में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। JMM का स्पष्ट मानना है कि इस संशोधन के लागू होने से झारखंड की आर्थिक स्थिति और स्थानीय लोगों के हक पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा, जिसे लेकर पार्टी ने पहले ही आंदोलन की चेतावनी दी है।
पार्टी की ओर से प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य और यहां के मूल निवासियों के अधिकार को सर्वोपरि बताते हुए केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं। JMM ने इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाने के लिए 19 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम भी तय किया है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
दूसरी ओर, बीजेपी ने भी JMM सरकार की कार्यप्रणाली और खनन संबंधी नीतियों पर पलटवार करते हुए इसे महज एक चुनावी स्टंट बताया है। झारखंड के राजनीतिक गलियारों में खनिज अब केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वर्चस्व की लड़ाई का मुख्य केंद्र बन चुका है, जिसके आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।





