

"हजारीबाग में खासमहल जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान सदर CO आशुतोष कुमार के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में JHASA ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।"
हजारीबाग के हुरहुरू स्थित कैंटोनमेंट मौजा की करीब 50 डिसमिल खासमहल जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उत्पन्न हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सदर अंचलाधिकारी सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (झारसा) ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह पूरा मामला 18 सितंबर का है, जब प्रशासनिक टीम जेसीबी के साथ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुँची थी।
मौके पर पहुँचे पूर्व मंत्री और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव ने इस प्रशासनिक कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस हुई। योगेंद्र साव ने जमीन के रिकॉर्ड, लीज नवीनीकरण और पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की माँग की है। वहीं दूसरी ओर, जिला प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि संबंधित भूमि पूरी तरह से सरकारी खासमहल जमीन है और नियमानुसार ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।

इस घटना के बाद झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (JHASA) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें 18 सितंबर की घटना पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सीओ आशुतोष कुमार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके सरकारी कार्यों में भारी बाधा डाली गई। संघ ने इस संबंध में स्थानीय थाने में उसी दिन प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखित आवेदन भी दे दिया था।
झारसा ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द अपेक्षित और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन विवश होकर चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाएगा। वर्तमान में यह पूरा प्रकरण 50 डिसमिल जमीन के मालिकाना हक, अतिक्रमण और प्रशासनिक अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसपर प्रशासनिक हलकों में भी गहरी नजर बनी हुई है।





