

"झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ASDD श्रेणी के मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई की समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा है।"
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एएसडीडी (ASDD) श्रेणी के मतदाताओं से जुड़ी आपत्तियों पर सुनवाई की समयसीमा बढ़ाने का औपचारिक प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। हालांकि, इस समयावधि को बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर अंतिम निर्णय अब केंद्रीय चुनाव आयोग को ही लेना है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
बता दें कि झारखंड में एसआईआर के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने की वर्तमान समयसीमा 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इससे पहले चुनाव आयोग ने इस डेडलाइन को दूसरी और अंतिम बार बढ़ाया था। राज्य में 5 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जबकि एसआईआर प्रक्रिया से पहले राज्य में कुल 2,64,63,236 मतदाता मौजूद थे। इस प्रकार ड्राफ्ट सूची से कुल 43,61,987 नाम कम हुए हैं, जिन्हें विभिन्न श्रेणियों में रखा गया है।

ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों को मुख्य रूप से मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित या अप्राप्य और डुप्लीकेट जैसी चार एएसडीडी (ASDD) श्रेणियों में विभाजित किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान करीब 7.64 लाख मृत, 15.92 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित और 14.50 लाख अनुपस्थित मतदाताओं के नाम चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा, डुप्लीकेट प्रविष्टियों को भी इस प्रक्रिया के तहत अलग श्रेणी में रखकर जांच के दायरे में लाया गया है।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से नया नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही, फॉर्म-7 के जरिए किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है और फॉर्म-8 के माध्यम से विवरण में सुधार या पता बदलने का अनुरोध किया जा सकता है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद झारखंड की संशोधित अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।





