

"झारखंड में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर जारी है और आज कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर से बड़े अलर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है।"
झारखंड में मानसून का असर अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने एक नए वेदर सिस्टम के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आज यानी 25 सितंबर को भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग और लातेहार जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राजधानी रांची में भी पिछले 24 घंटों में 52 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। रांची और इसके आसपास के इलाकों में 25 से 27 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना लगातार बनी हुई है।

राहत भरी खबर यह है कि 28 सितंबर से झारखंडवासियों को बड़े मौसम अलर्ट और भारी बारिश से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। आईएमडी के अनुसार, 28 सितंबर के बाद से किसी भी बड़े खतरे की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी, बल्कि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की फुल्की बूंदाबांदी या स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।
बता दें कि राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 24 सितंबर तक कुल 935.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 984.7 मिलीमीटर से लगभग 5 प्रतिशत कम है। हालांकि जिलों के हिसाब से बारिश के आंकड़े अलग-अलग हैं। कुल मिलाकर आने वाले दो-तीन दिनों तक लोगों को संभलकर चलने की जरूरत है, जिसके बाद मौसम सामान्य होने की पूरी संभावना है।





