

"झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली को लेकर बीजेपी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है, जिसे लेकर राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।"
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सियासी टकराव एक बार फिर चरम पर है। बीजेपी झारखंड ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली जेएमएम (JMM) सरकार पर निशाना साधते हुए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि राज्य के युवा साल भर कड़ी मेहनत और दिन-रात पढ़ाई करते हैं, लेकिन परीक्षा के समय उन्हें पेपर लीक और धांधली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बीजेपी ने अपने आधिकारिक बयान में राज्य की परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करार दिया है। पार्टी के अनुसार, जेएमएम सरकार के खोखले वादों और कथित घोटालों का सीधा असर युवाओं पर पड़ रहा है। इस तीखे हमले के पीछे जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताएं मुख्य कारण हैं, जिसने राज्य के बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
इधर, जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक लगभग 350 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है और इस मामले में कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि किस प्रकार पेपर लीक करके और पैसे लेकर अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया है।
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने की भी मांग की है। इससे पहले बीजेपी ने 8 से 11 सितंबर तक राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की थी, और ताजा सोशल मीडिया पोस्ट इसी राजनीतिक अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।





