

"झारखंड के कोल्हान-सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों की सख्त घेराबंदी और लगातार अभियानों के कारण 55 गंभीर मामलों में वांछित 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण कर दिया है।"
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सुरक्षाबलों की लगातार बढ़ती घेराबंदी और अभियानों के चलते कुख्यात माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण कर दिया है। असीम मंडल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी से जुड़ा रहा है और सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब 55 गंभीर मामले दर्ज हैं।
खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, असीम मंडल पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की तरफ से 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार की तरफ से 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल था। वह लंबे समय से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सक्रिय था और सुरक्षाबलों द्वारा इस क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में अभियान तेज किए जाने के कारण उसपर मानसिक और रणनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

असीम मंडल के खिलाफ दर्ज मामलों में हाल के वर्षों की कई बड़ी और हिंसक घटनाएं शामिल हैं। उसके खिलाफ 1 मार्च 2026 को चाईबासा में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाकर्मियों के घायल होने, 12 अप्रैल 2025 को झारखंड जगुआर के एक जवान के शहीद होने और 11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र में आईईडी विस्फोट की घटना में जवानों के घायल होने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इन सभी घटनाओं में उसकी संलिप्तता सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनी हुई थी।
इस हाई-प्रोफाइल नक्सली के सरेंडर के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियों को पूरी उम्मीद है कि इस पूछताछ से नक्सली संगठन के बचे हुए नेटवर्क, उनके गुप्त ठिकानों और जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों तथा विस्फोटक सामग्री के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगेंगी। यह घटना झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।





