

"झारखंड हाईकोर्ट में बढ़ते लंबित मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश की है, जिससे जजों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो जाएगी।"
झारखंड हाईकोर्ट में जजों की कमी और लंबित मामलों के भारी बोझ को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने झारखंड के तीन वरिष्ठ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। इस निर्णय से न्यायपालिका की कार्यक्षमता बढ़ने और लंबित मुकदमों के त्वरित निपटारे की उम्मीद जगी है।
कॉलेजियम द्वारा जिन नामों की अनुशंसा की गई है, उनमें गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद, डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा और साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिल कुमार शामिल हैं। इन नामों पर सहमति बनने के बाद अब नियुक्ति की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर आगे बढ़ाई जाएगी, जिसके बाद राष्ट्रपति की अंतिम मुहर लगेगी।

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट में जजों की संख्या 13 है, जो इन तीन नई नियुक्तियों के बाद बढ़कर 16 हो जाएगी। हालांकि, हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 25 है, जिसका अर्थ है कि इन नियुक्तियों के बावजूद अभी भी 9 पद रिक्त रहेंगे। यह स्थिति न्याय व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए एक निरंतर चुनौती बनी हुई है।
गौरतलब है कि वर्तमान में हाईकोर्ट में 73 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, जिनका सीधा असर आम जनता को मिलने वाले न्याय पर पड़ रहा है। जजों की कमी के कारण सुनवाई में देरी हो रही थी, जिसे देखते हुए यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि नए जजों के आने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और पुराने मुकदमों के निपटारे में गति आएगी।





