

"सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने के भीतर महिला से कथित दुष्कर्म के मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसआई और मुंशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लापरवाही बरतने वाले 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।"
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में गम्हरिया थाना परिसर के अंदर एक महिला से कथित दुष्कर्म के गंभीर मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गम्हरिया थाने के सब-इंस्पेक्टर (SI) मनोज कुमार साहू और मुंशी संतोष कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में एक वायरलेस ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने घटना में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद एएसआई, हवलदार और सिपाहियों समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस शर्मनाक घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गम्हरिया थाने का जोरदार घेराव किया और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा और प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित महिला गुरुवार की रात एक घरेलू विवाद के बाद अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए गम्हरिया थाने पहुंची थी। आरोप है कि महिला को रात में थाने के ही एक कमरे में रुकने के लिए कहा गया, जहां पुलिसकर्मियों ने उसके साथ इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया। घटना के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और समय पर कार्रवाई न करने को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थाने के भीतर ही एक महिला की सुरक्षा को लेकर उठे इन सवालों के बीच पुलिस महकमा बैकफुट पर नजर आ रहा है। फिलहाल, एसआईटी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों से पूछताछ जारी है, ताकि इस घटना में शामिल अन्य दोषियों को भी जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।






