

"झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची और खूंटी में पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और एसवीएस योजनाओं को पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को लीगल नोटिस जारी किया जाएगा।"
झारखंड में पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कड़ा रुख अपनाया है। रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी जल आपूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों और संवेदकों को दो टूक निर्देश दिया है कि दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) योजनाओं को हर हाल में पूरा किया जाए। विश्वा सभागार, रांची में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों, उनकी गुणवत्ता और लंबित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें भुगतान के बावजूद काम पूरा न होने पर कड़ी नाराजगी जताई गई।


योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त जांच कमेटियों का गठन करेगी, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। विभागीय सचिव अबु इमरान ने चेतावनी दी है कि समय-सीमा का पालन न करने वाले और काम अधूरा छोड़ने वाले संवेदकों को तत्काल लीगल नोटिस जारी किया जाए। इसके साथ ही, अभियान निदेशक शशि रंजन ने अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल का सपना जल्द से जल्द साकार हो सके। बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार और दोनों जिलों के उपविकास आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






