

"झारखंड सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली के मामले में सीआईडी ने सिसई के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। उन पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा पास कराने का गंभीर आरोप है।"
झारखंड में सीजीएल परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले में सिसई के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO) कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पलामू के डुमरी निवासी कुंदन कुमार पर आरोप है कि वह परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने वाले एक अवैध नेटवर्क से जुड़े थे और अपनी सरकारी हैसियत का गलत फायदा उठा रहे थे।
सीआईडी की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि कुंदन कुमार केवल एक सरकारी अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों और परीक्षा माफियाओं के बीच एक एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने कई अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलकर उन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का प्रलोभन दिया था। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कुल कितने अभ्यर्थियों को लाभ पहुँचाया गया और यह खेल कब से चल रहा था।
कुंदन की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। सीआईडी अब उन तमाम संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची खंगाल रही है, जिनके परिणाम और ओएमआर शीट संदेह के घेरे में हैं। एजेंसी बैंक खातों के लेन-देन, परीक्षा केंद्रों पर हुई गतिविधियों और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा कर रही है ताकि इस धांधली में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
यह गिरफ्तारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और परीक्षाओं की शुचिता पर कई सवाल खड़े करती है। सीआईडी का मानना है कि कुंदन कुमार इस बड़े नेटवर्क की एक कड़ी मात्र हैं और इसके पीछे कई अन्य प्रभावशाली लोग हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे परीक्षा माफियाओं के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके।





