

"झारखंड के जमशेदपुर में JNU विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में 16 लोग घायल हो गए। बिष्टुपुर इलाके में करीब दो घंटे तक जमकर लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई।"
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर झारखंड के जमशेदपुर में सोमवार को राजनीति का माहौल पूरी तरह गरमा गया। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस के जिला मुख्यालय (तिलक पुस्तकालय) के बाहर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस खूनी संघर्ष में लाठी-डंडों का बेखौफ इस्तेमाल किया गया और जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कुल 16 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ यह हंगामा दोपहर 1:20 बजे तक जारी रहा और बिष्टुपुर का इलाका लगभग दो घंटे तक रणक्षेत्र में तब्दील रहा। शुरुआत में केवल नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन चल रहा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई। इस भारी उपद्रव और अफरा-तफरी के दौरान इलाके की कई दुकानों और वाहनों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय लोगों में भी काफी दहशत का माहौल है।

कांग्रेस की महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से महिलाओं की आड़ लेकर पुरुष कार्यकर्ताओं को आगे किया और हमला किया। इस दौरान कांग्रेस नेता फरहत जमां के कपड़े फाड़े जाने और उनके पेट पर लाठी मारे जाने का भी आरोप लगाया गया, जबकि पूर्व महामंत्री मनोज उपाध्याय के सिर पर पत्थर लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
इस हिंसक घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रदर्शन समाप्त किया गया है, लेकिन दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे पर लगातार गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं, इसी मुद्दे को लेकर लातेहार जिले में भी भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और तनाव की स्थिति देखने को मिली, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।





