

"कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के हालिया प्रेस नोट पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।"
नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। आयोग द्वारा 26 सितंबर को जारी किए गए प्रेस नोट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हालिया विवादों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) से जुड़े गंभीर मुद्दों पर उठाए गए सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। रमेश ने आरोप लगाया कि आयोग का प्रेस नोट कथित अनियमितताओं के आरोपों को सीधे खारिज करने के बजाय उनका बचाव कर रहा है। उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हटाए गए 97 मतदाताओं में से 81 के फॉर्म 6 भरने का मुद्दा सामने आया है, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

फॉर्म 6 में कथित बदलाव को लेकर भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। जयराम रमेश का दावा है कि जुलाई 2026 में ऑनलाइन फॉर्म में ऐसे बदलाव किए गए, जिसके तहत नए मतदाताओं से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पिछले एसआईआर रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगी गई। पार्टी का मानना है कि इस तरह के नियमों से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया बेहद कठिन हो गई है।
इसके अलावा, रमेश ने ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल की समीक्षा के लिए आईआईटी और आईआईआईटी विशेषज्ञों को शामिल करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि असली विवाद केवल तकनीकी व्यवस्था का नहीं, बल्कि मतदाता जोड़ने की प्रक्रिया और निर्णयों का है। अंत में उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग के साथ-साथ कई राज्यों में मतदाता सूची की स्थिति पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
