

"दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं।"
कथित IRCTC होटल टेंडर घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने मामले में शामिल सात अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया है।
यह कानूनी मामला लालू प्रसाद यादव के 2004 से 2009 के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान का है। CBI और ED के अनुसार, रेलवे के रांची और पुरी स्थित BNR होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका देने में कथित तौर पर गंभीर हेरफेर की गई थी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह ठेका नियमों को दरकिनार कर सुजाता होटल्स को दिया गया था, जिसके बदले में अवैध रूप से लाभ प्राप्त किया गया।

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि टेंडर में फायदा पहुंचाने के बदले में पटना में एक बेशकीमती जमीन का हस्तांतरण किया गया था। आरोप है कि यह जमीन पहले लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी से जुड़ी कंपनी को गई और बाद में उसके शेयर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से जुड़ी इकाइयों के नियंत्रण में आ गए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस पूरी प्रक्रिया को अपराध से अर्जित आय मानते हुए PMLA के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि प्रथमदृष्टया आरोपियों के खिलाफ पद के दुरुपयोग और अपराध की आय का मजबूत संदेह मौजूद है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की राजनीतिक प्रतिशोध वाली दलीलों को भी खारिज कर दिया। हालांकि, आरोप तय होना केवल न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और अब मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए अदालत ने सभी आरोपियों को 3 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है।





