

"पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने 7 दिन का कूटनीतिक प्रस्ताव रखा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात है। वहीं, सऊदी अरब में सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।"
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट के बीच ईरान ने अमेरिका के समक्ष एक नया और अहम सात दिवसीय रोडमैप पेश किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, यदि अमेरिका उनकी शर्तों पर सहमति जताता है, तो छठे दिन सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाएगा और सातवें दिन दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव के बावजूद युद्ध के पूर्ण विराम को लेकर अभी भी संशय बरकरार है और अमेरिकी प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
ईरान द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव में अमेरिका से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाने, ईरानी तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने और क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से युद्धविराम लागू करने जैसी मुख्य शर्तें शामिल हैं। तेहरान की मंशा है कि पहले इन आर्थिक और सैन्य पाबंदियों पर बात हो, जबकि अमेरिका की प्राथमिकता ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर शुरुआती चर्चा करने की है। दोनों देशों के रुख में यही मुख्य मतभेद इस संभावित समझौते के रास्ते में सबसे बड़ा पेच फंसाए हुए है।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष के जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने और युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जताई है। सितंबर में अमेरिका ने इस तरह के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन ताजा रिपोर्टों के मुताबिक ईरान अब भी अपने इस फॉर्मूले पर कायम है। कूटनीतिक हलकों में इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस पर अभी तक कोई अंतिम और आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सऊदी अरब में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने की सलाह दी है। सुरक्षा कारणों से रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद है, जबकि जेद्दा और दम्माम जैसे शहरों में उड़ानों पर भी असर पड़ा है, जिसके चलते कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक के लिए रद्द कर दी हैं।





