

"भारतीय नौसेना ने मुंबई में अपने दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल INS Nipun को कमीशन कर लिया है, जो गहरे समुद्र में बचाव और डाइविंग अभियानों में भारत की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा।"
भारतीय नौसेना ने सोमवार को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में अपने दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) INS Nipun को औपचारिक रूप से कमीशन कर लिया है। इस महत्वपूर्ण समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
INS Nipun की विशेषता यह है कि यह 10,500 टन वजनी पोत है, जिसे जटिल समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह पोत समुद्र में 300 मीटर की गहराई तक डाइविंग ऑपरेशन करने में सक्षम है। इसमें आधुनिक डाइविंग सिस्टम, रिमोटली ऑपरेटेड अंडरवॉटर सिस्टम और विशेष लाइफ-सपोर्ट सुविधाएं मौजूद हैं।
इस पोत की सबसे बड़ी खासियत इसका सबमरीन रेस्क्यू मिशन है। यह भारतीय नौसेना के Deep Submergence Rescue Vessel के साथ मिलकर संकट में फंसी पनडुब्बियों तक तेजी से मदद पहुंचा सकता है। INS Nipun के आने से अब नौसेना के पास पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर डीप-सी डाइविंग क्षमता उपलब्ध हो गई है, क्योंकि इसका सिस्टर शिप INS Nistar पहले से ही पूर्वी नौसेना कमान में तैनात है।
यह स्वदेशी पोत विशाखापत्तनम स्थित Hindustan Shipyard Limited (HSL) द्वारा निर्मित किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और रक्षा क्षेत्र में देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने कहा कि ऐसी क्षमताएं दुनिया की चुनिंदा नौसेनाओं के पास ही हैं, जिससे भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सबमरीन रेस्क्यू पार्टनर के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेगा।




