

"देशभर में रोशनी के पर्व दिवाली के बीच भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर देश की सुरक्षा के साथ अनोखे अंदाज में दीपोत्सव मनाया। घर और परिवार से दूर जवानों ने पूजा-अर्चना कर और फुलझड़ियां जलाकर खुशियां साझा कीं।"
देशभर में जब लोग अपने परिवारों के साथ रोशनी का त्योहार मना रहे थे, तब भारतीय सेना के वीर जवानों ने सरहद पर मुस्तैद रहकर अपनी अनूठी दिवाली मनाई। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास तैनात सैनिकों ने देश की सुरक्षा के साथ-साथ दीपोत्सव के पवित्र पर्व को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। उरी और अखनूर सेक्टर में तैनात जवानों ने अपने यूनिट परिसरों को दीपों और रोशनियों से सजाया, पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं दीं। घर और परिवार से कोसों दूर सरहद पर तैनात इन जवानों के लिए उनके साथी ही उनका परिवार हैं, जिनके साथ उन्होंने इस राष्ट्रीय पर्व की खुशियां साझा कीं।


कड़ी ठंड और उच्च सतर्कता के बीच भी जवानों के चेहरे पर त्योहार की चमक साफ नजर आ रही थी। सैनिकों ने LoC के पास दीये जलाए और फुलझड़ियों के साथ रात को रोशन किया, जो देशवासियों के लिए उनके समर्पण और अटूट देशप्रेम का प्रतीक है। हालांकि त्योहार के दिन भी उनकी मुख्य प्राथमिकता देश की सुरक्षा और सीमाओं की चौकसी करना ही रही। जब पूरा देश चैन की नींद सोता है, तब ये जवान सरहद पर पहरा देकर देशवासियों के जीवन में उजाला बनाए रखते हैं। 'जय हिंद! जय भारतीय सेना!' के नारों के साथ जवानों ने यह साबित कर दिया कि देश सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म और त्योहार है।






