

"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में रविवार को उनकी दिवंगत मां रूपी सोरेन के दशकर्म और संस्कार भोज का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पांच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में आज उनकी दिवंगत मां रूपी सोरेन के दशकर्म के अवसर पर भव्य संस्कार भोज का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राज्यभर से करीब पांच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जिसे देखते हुए नेमरा गांव और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को ही अपने पैतृक गांव पहुंच गए थे और मां के अंतिम संस्कारों के दौरान काफी भावुक नजर आए।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। आम जनता के बैठने और भोजन के लिए तीन विशाल पंडालों का निर्माण किया गया है, जबकि वीआईपी (VIP) मेहमानों के लिए बिल्कुल अलग और सुरक्षित व्यवस्था की गई है। प्रशासन और स्थानीय आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया है कि आने वाले किसी भी अतिथि को असुविधा का सामना न करना पड़े।

भारी भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। नेमरा और उसके आसपास आने वाले मार्गों पर कई हेलिपैड तैयार किए गए हैं। रामगढ़ जिला पुलिस ने आगंतुकों की सुविधा के लिए पहले ही एक विस्तृत रूट मैप और क्यूआर कोड जारी किया है, ताकि यातायात व्यवस्था पूरी तरह से सुचारु बनी रहे और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन ने इस विशाल आयोजन में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों से अपील की है कि वे नेमरा के लिए रवाना होने से पहले निर्धारित मार्गों और पार्किंग संबंधी दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। रूपी सोरेन के निधन के बाद से पूरे नेमरा गांव में शोक की लहर है, लेकिन इस सामूहिक भोज के जरिए लोग उनके अंतिम संस्कार के उपलक्ष्य में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।





