

"झारखंड के दिवंगत नेता सुदिव्य कुमार सोनू को याद कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक हो गए। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए उन्हें बड़े भाई समान बताया।"
झारखंड की राजनीति में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब वरिष्ठ नेता और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद सूचना सामने आई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोनू का जाना न केवल राज्य के लिए एक बड़ी राजनीतिक हानि है, बल्कि उनके लिए यह एक व्यक्तिगत और पारिवारिक आघात के समान है।
हेमंत सोरेन ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू उनके लिए केवल एक राजनीतिक सहयोगी या वरिष्ठ साथी नहीं थे, बल्कि एक बड़े भाई की तरह थे। सोरेन के अनुसार, सोनू ने हर कठिन परिस्थिति में उन्हें सही मार्गदर्शन दिया और हमेशा एक मजबूत संबल बनकर साथ खड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा दी गई सीख और उनके साथ बिताया गया समय हमेशा उनकी यादों में जिंदा रहेगा।
घटनाक्रम के अनुसार, सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत अचानक रात के समय बिगड़ी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात 12 बजे के बाद उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रात लगभग 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अचानक हुई इस घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है।
दिवंगत मंत्री के निधन की खबर सुनते ही राजनीतिक गलियारों में मातम पसर गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा विधायक कल्पना सोरेन सहित राज्य के तमाम दिग्गज नेताओं और समर्थकों ने अस्पताल पहुंचकर या सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का व्यक्तित्व ऐसा था कि वे सदैव लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेंगे।





