

"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माता के श्राद्धकर्म के दौरान जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए रामगढ़ और हजारीबाग के दो दिव्यांगजनों को अपने हाथों से ट्राई साइकिल प्रदान की।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्तिगत शोक और पारिवारिक दायित्वों के बीच भी जनसेवा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की परंपराओं का निर्वहन करने के लिए वे अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने दुखों को दरकिनार कर आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नेमरा में श्राद्धकर्म के अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात कुछ जरूरतमंदों से हुई, जो अपनी फरियाद लेकर वहां पहुंचे थे। इनमें मुख्य रूप से दो दिव्यांगजन शामिल थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने पास बुलाया और उनकी परेशानियों को ध्यान से सुना।

इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के अंतर्गत आने वाले धोरधोरा गांव निवासी लख्खी राम मांझी और हजारीबाग जिले के चुरचू निवासी सुखदेव साव को अपने हाथों से ट्राई साइकिल प्रदान की। इस सहायता का उद्देश्य इन दोनों दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बनाना और उनके रोजमर्रा के जीवन संघर्षों को कम करना है।
मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील और मानवीय कदम की चहुंओर सराहना हो रही है। व्यक्तिगत दुख की इस घड़ी में भी आम जनता की सुधि लेने की उनकी यह पहल साबित करती है कि उनके लिए जनसेवा ही सर्वोपरि है, जो समाज में एक सकारात्मक संदेश देती है।





