

"झारखंड के गढ़वा में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में जलजमाव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।"
झारखंड के गढ़वा जिले में पिछले 31 अगस्त से हो रही मूसलाधार बारिश ने आफत का रूप ले लिया है। शहर के नगवां, दफाली मोहल्ला, मदरसा रोड, चिनिया रोड और सहिजना रोड समेत कई प्रमुख इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और कई घरों तथा दुकानों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।
बारिश का असर शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोनपुरवा स्थित अंतरराज्यीय बस डिपो और शालीग्राम विद्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जिसके चलते बस परिचालन बाधित हुआ है और कई निजी स्कूलों को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद द्वारा नालियों की समय पर सफाई न किए जाने के कारण जल निकासी की व्यवस्था विफल रही है, जिससे मामूली बारिश भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर रही है।
शहर के बीच से गुजरने वाली दानरो, सरस्वती और कोयल नदियों के जलस्तर में हो रही निरंतर बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी के निचले इलाकों में बसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है और प्रशासन ने आम नागरिकों से नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है। तटवर्ती क्षेत्रों में बढ़ते जल के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है।
मौसम विभाग ने गढ़वा सहित झारखंड के कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसमें अगले तीन दिनों तक भारी बारिश के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की भी प्रबल संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और आपातकालीन निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। प्रशासन अब जल निकासी के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने की कवायद में जुट गया है।





