

"झारखंड के गुमला जिले में पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत PLFI के सक्रिय नक्सली विश्राम कोनगाड़ी उर्फ मोटा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियार और गोलियां भी बरामद की गई हैं।"
झारखंड के गुमला जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कमडारा थाना क्षेत्र के बोंगदा गांव में की गई विशेष छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन PLFI के सक्रिय सदस्य विश्राम कोनगाड़ी उर्फ मोटा को धर दबोचा। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार्बाइन, एक पिस्टल, भारी मात्रा में गोलियां और नक्सली पर्चे भी बरामद किए हैं, जो इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश की ओर इशारा करते हैं।
इस सफल कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नक्सली गतिविधियों में संलिप्त अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा है। पुलिस ने 45 वर्षीय एतवा मास्टर को भी गिरफ्तार किया है, जिसे इस नक्सली संगठन का प्रमुख मुखबिर माना जा रहा है। इसके अलावा, संगठन को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने के आरोप में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

गिरफ्तार नक्सली विश्राम कोनगाड़ी उर्फ मोटा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पड़ोसी जिले खूंटी में कुल 15 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें से तीन मामले फिलहाल अदालत में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। इन मामलों में 17 सीएलए एक्ट, दंगा भड़काने और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन आरोप शामिल हैं, जो उसकी आपराधिक और विध्वंसक गतिविधियों को उजागर करते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कुख्यात नक्सली की गिरफ्तारी से गुमला और आसपास के क्षेत्रों में पीएलएफआई (PLFI) की गतिविधियों पर करारा प्रहार हुआ है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके अन्य सहयोगियों तथा नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





