

"ग्रेटर नोएडा के देवला गांव में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP के सौरव दास और उनकी टीम को स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।"
ग्रेटर नोएडा के देवला गांव में सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे 'सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के प्रवक्ता और सह-संयोजक सौरव दास को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। CJP की टीम 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सूरजपुर क्षेत्र के देवला, मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए निकली थी, लेकिन देवला के प्राथमिक विद्यालय के बाहर ही तीखा विवाद खड़ा हो गया।
जब CJP की टीम देवला के प्राथमिक विद्यालय पहुंची, तो स्कूल का गेट अंदर से बंद मिला और मौके पर पहले से ही पुलिस बल मौजूद था। टीम को स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं मिलने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्कूल के बाहर जमा हुए ग्रामीणों ने CJP टीम का पुरजोर विरोध किया और आरोप लगाया कि इस तरह के दौरों से बच्चों की पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है और बार-बार बाहरी लोगों के आने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण करने वाली इस टीम के पास स्कूल परिसर के अंदर प्रवेश करने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसलिए बाहरी व्यक्तियों के स्कूल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, और सूरजपुर क्षेत्र के सभी प्राथमिक विद्यालय सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।
विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस की सूझबूझ से फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दूसरी ओर, CJP के सौरव दास ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए स्कूल का गेट बंद रखे जाने और निरीक्षण से रोकने पर गहरी आपत्ति जताई है।

