

"बिहार-झारखंड सीमा के समीप जंगल से सड़क निर्माण कंपनी के एक कर्मी का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच तेज कर दी गई है।"
गिरिडीह जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सड़क निर्माण कंपनी के एक कर्मी मंजेश कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई। मंजेश रविवार को तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंक पंचायत इलाके में काम कर रहे थे, तभी बाइक सवार कुछ अज्ञात लोग उन्हें अपने साथ ले गए। करीब 30 घंटे की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद, उनका शव बिहार के जमुई जिले के पिपरातरी जंगल के पास से बरामद हुआ है।
शुरुआती जांच में मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे पुलिस को किसी भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या किए जाने का संदेह है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और पिंटू यादव नामक व्यक्ति के सरेंडर के बाद मिली जानकारी के आधार पर जंगल में तलाशी अभियान चलाया। फिलहाल, इस मामले में पांच संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इस हत्याकांड ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और मुआवजा नहीं मिला, तो क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
पुलिस फिलहाल इस हत्या के पीछे की असल वजह तलाशने में जुटी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या कोई कंपनी से जुड़ा विवाद। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी विशेष व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।





