

"झारखंड के गिरिडीह में एक नवजात शिशु को पचम्बा थाना प्रभारी ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए कांटेदार झाड़ियों से सुरक्षित बाहर निकाला।"
झारखंड के गिरिडीह जिले में मानवता और पुलिस की मुस्तैदी का एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। पचम्बा थाना क्षेत्र के पास एक निजी कार शोरूम के निकट घनी और कांटेदार झाड़ियों के बीच एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। झाड़ियों के भीतर होने के कारण किसी की भी वहां तक पहुंचने की हिम्मत नहीं हो रही थी, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने स्वयं उन कांटेदार झाड़ियों में उतरने का साहसी निर्णय लिया। उन्होंने बड़ी सावधानी के साथ कटीली झाड़ियों को हटाया और नवजात को सकुशल बाहर निकाला। इस प्रक्रिया में बच्चे के शरीर और आंखों के आसपास खरोंच के निशान देखे गए, जिसके बाद पुलिस ने बिना किसी देरी के उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

घटना के बाद से इलाके में इस बात की चर्चा है कि आखिर उस मासूम को इतनी खतरनाक जगह पर किसने और किस परिस्थिति में छोड़ा। फिलहाल पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उस व्यक्ति की पहचान की जा सके जिसने इस नवजात को वहां छोड़ा था।
थाना प्रभारी राजीव कुमार और उनकी टीम की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता बच्चे की जान बचाना थी और अब कानून के अनुसार इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में नवजात चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित है और प्रशासन उसके पुनर्वास के लिए भी कदम उठा रहा है।





