

"गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला मरीज की मौत का दावा करने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और बिना सहमति दोबारा ऑपरेशन करने का गंभीर आरोप लगाया है।"
गिरिडीह शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित मर्सी हॉस्पिटल में 46 वर्षीय महिला मरीज मंजू देवी की मौत के दावे के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिहोडीह निवासी इंद्रदेव रजक की पत्नी मंजू देवी को चार दिन पहले पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और जब उन्होंने बेहतर इलाज के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग की, तो डॉक्टरों ने अनसुना कर दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि रेफर करने के बजाय डॉक्टरों ने महिला का दूसरा ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। मंगलवार को परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक डॉ. अंजू अनिल पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।


इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच महिला की स्थिति को लेकर अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बयानों में भारी विरोधाभास सामने आया है। जहां एक ओर परिजन मंजू देवी की मौत की बात पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मरीज की हालत गंभीर होने और इलाज जारी रहने का दावा किया है। तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मोर्चा संभालते हुए आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। पुलिस फिलहाल अस्पताल के चिकित्सकीय रिकॉर्ड्स और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तविक स्थिति क्या है और किसकी लापरवाही से महिला की जान जोखिम में पड़ी।






