

"झारखंड के गिरिडीह जिले में दुर्गापूजा का प्रसाद बनाते वक्त पांच किलो के गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। इस भीषण हादसे में चाची और उनकी पांच साल की भतीजी की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया है।"
झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार प्रखंड अंतर्गत मनगसो गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां दुर्गापूजा का प्रसाद बनाते समय गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। इस भीषण दुर्घटना में 26 वर्षीय कविता देवी और उनकी पांच वर्षीय भतीजी शीतल कुमारी की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है और त्योहार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं।
घटना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि जरीसिंगा पंचायत के मनगसो गांव में रविवार शाम करीब छह बजे कविता देवी अपने घर में दुर्गापूजा का प्रसाद तैयार कर रही थीं। इसी दौरान अचानक पांच किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर में आग लग गई। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक सिलेंडर एक तेज धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना भयानक था कि सिलेंडर उछलकर दरवाजे की किवाड़ से जा टकराया और इसकी चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं।

इस भयावह हादसे में पांच साल की मासूम शीतल कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कविता देवी को परिजन तुरंत रेफरल अस्पताल, धनवार लेकर भागे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में कविता देवी ने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान वैद्यनाथ विश्वकर्मा की पत्नी कविता देवी और उनके देवर गुड्डू राणा की पुत्री शीतल कुमारी के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परसन ओपी प्रभारी सोनू कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, परिजनों ने धार्मिक और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है। त्योहार के दिन हुई इस दोहरी मौत से पूरा मनगसो गांव शोक में डूबा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं।





