

"झारखंड के गिरिडीह जिले में वन विभाग ने अवैध रूप से चल रही आरा मिल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लकड़ी और मशीनें जब्त की हैं।"
झारखंड के गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के मंडरों का बंगारू इलाके में वन विभाग ने एक कथित अवैध आरा मिल पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे क्षेत्र के अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। टीम के मौके पर पहुंचते ही इलाके में खलबली मच गई और आरा मिल संचालक मौके से फरार होने की फिराक में जुट गए।
वन विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि मंडरों का बंगारू में बिना किसी वैध अनुमति या लाइसेंस के आरा मिल का संचालन किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर रेंजर अधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और तुरंत मौके पर पहुंचकर परिसर की सघन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरा मिल में अवैध रूप से उपयोग किए जाने वाले कई हाई-टेक उपकरण और मशीनें बरामद हुईं, जिन्हें विभाग ने तुरंत जब्त कर लिया।

छापेमारी के दौरान परिसर में भारी मात्रा में लकड़ी का जखीरा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। अब वन विभाग की मुख्य नजर इस बात पर टिकी है कि इतनी भारी मात्रा में लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। विभाग लकड़ी की प्रजातियों और उसके सटीक स्रोत का पता लगाने के लिए गहनता से जांच कर रहा है। यदि जांच में अवैध कटाई या प्रतिबंधित जंगलों से लकड़ी लाने की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी का धंधा करने वालों में भारी दहशत का माहौल है। वन विभाग यह भी खंगाल रहा है कि इस अवैध आरा मिल का मुख्य संचालक कौन था और इस गैरकानूनी धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वन विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्राकृतिक वन संपदा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।





