

"गिरिडीह के गांडेय प्रखंड में वन विभाग ने लखनपुर और फुलची गांव में छापेमारी कर अवैध आरा मिलों को ध्वस्त किया है। इस कार्रवाई में 50 हजार रुपये मूल्य की लकड़ी और मशीनें जब्त की गई हैं।"
झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड क्षेत्र में वन विभाग ने शुक्रवार को अवैध आरा मिलों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया। डीएफओ मनीष कुमार तिवारी के विशेष निर्देशों के बाद रेंजर एसके रवि के नेतृत्व में गठित वन विभाग की टीम ने लखनपुर और फुलची गांव में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध लकड़ी का कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
छापेमारी के दौरान, वन विभाग की टीम ने मौके पर अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों को पूरी तरह से उखाड़ फेंका। विभाग ने आरा मशीन, डीजल इंजन, चिरान मशीन और अन्य संबंधित उपकरणों को जब्त कर लिया है। इसके अलावा, टीम ने भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लिपटस, सखुआ और शीशम की लकड़ी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई लकड़ियों की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है।

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के आरा मिल चलाना और अवैध तरीके से लकड़ी का व्यापार करना एक गंभीर अपराध है। इस अभियान में प्रभारी वनपाल रोहित पंडित, संदीप मिश्रा, वनरक्षी रामदेव मरांडी, विष्णु किस्कू, रजन शर्मा, दाऊद आलम और शमशेर अंसारी सहित कई वनकर्मी शामिल रहे। विभाग की यह टीम पूरे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
इस सफल छापेमारी से अवैध लकड़ी माफियाओं में भय का माहौल है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध आरा मिलों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य वनों की कटाई को रोकना और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना है।





