

"झारखंड के गिरिडीह में जमीन विवाद के चलते 75 वर्षीय बुजुर्ग मनजीत सिंह बग्गा पर हुए हमले ने तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।"
गिरिडीह के गांधी चौक के समीप जमीन विवाद के मामले में 75 वर्षीय बुजुर्ग मनजीत सिंह बग्गा पर हुए कथित जानलेवा हमले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को मर्सी हॉस्पिटल पहुंचकर घायल मनजीत सिंह बग्गा से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखे सवाल उठाए और तीखी प्रतिक्रिया दी।
मीडिया से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शहर के बीचोंबीच आधी रात को किसी बुजुर्ग के घर में घुसकर इस तरह का हमला किया जाना यह साबित करता है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन विवाद के मामलों में लोगों को डराने-धमकाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और ऐसे तत्वों का मनोबल काफी ऊंचा हो गया है। साथ ही, उन्होंने गांडेय विधायक के शहर में मौजूद होने के बावजूद पीड़ित से न मिलने पर भी सवाल खड़े किए।

घटना के संबंध में घायल मनजीत सिंह बग्गा ने बताया कि पुश्तैनी संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद कुछ लोग जबरन उनके घर में घुसे और रॉड से हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में उनका सिर फट गया और कंधे की हड्डी टूट गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी पत्नी और बहन के मोबाइल फोन भी छीन लिए थे और उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया था। स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
इस मामले में नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े गए आरोपी सलीमउद्दीन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। घायल बुजुर्ग के बयान पर धमेन्द्र शर्मा और सुधीर शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वहीं, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।





