

"साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 28.71 मीटर पर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।"
झारखंड के साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा विकराल हो गया है। 11 सितंबर को गंगा का जलस्तर 28.71 मीटर तक दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (27.25 मीटर) से 1.46 मीटर ऊपर है। यह स्तर 2025 में दर्ज किए गए 28.70 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गया है, हालांकि यह 2021 के 28.90 मीटर के उच्चतम स्तर से अभी भी थोड़ा नीचे बना हुआ है।
जलस्तर में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के कारण दियारा और नदी किनारे स्थित निचले इलाकों में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बड़ी संख्या में स्थानीय परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है और प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने मोटर बोट के जरिए हर प्रसाद, बड़ा रामपुर दुर्गा टोला और बलुआ टोला जैसे प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम साहिबगंज पहुंच चुकी है, जो प्रशासन के साथ मिलकर युद्धस्तर पर राहत अभियान चला रही है। प्रशासन का कहना है कि जब तक पानी का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक बचाव दल क्षेत्र में कैंप करेगा। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मौजूदा राहत सामग्री जरूरतों के मुकाबले कम है, जिसे देखते हुए राहत अभियानों को और अधिक व्यापक बनाने की मांग उठ रही है।





