

"गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर झारखंड में राजनीति गरमा गई है। बीजेपी के हमलों के बीच झामुमो और कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और किसी पर कोई दबाव नहीं रहेगा।"
झारखंड के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार हेमंत सोरेन सरकार को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रही है, जिसके जवाब में अब सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस ने कड़ा पलटवार किया है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने बीजेपी पर इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले में ओछी राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया है। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय और कांग्रेस प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने संयुक्त रूप से साफ किया है कि सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


विपक्ष के लगातार हमलों और राज्यव्यापी प्रदर्शनों के बीच सत्ता पक्ष ने भरोसा दिलाया है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव आड़े नहीं आएगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, गम्हरिया कांड को लेकर पुलिस की तफ्तीश के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच चुकी है, और अब सबकी निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट तथा होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।






