

"साहिबगंज में गंगा के उफान से हालात बेकाबू हो गए हैं, जहां पिछले 5 दिनों में बाढ़ के कारण 4 लोगों की मौत हो चुकी है।"
साहिबगंज में गंगा का रौद्र रूप अब जानलेवा साबित हो रहा है। जिले के बड़ी कोदरजन्ना नया टोला क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से पुष्पा देवी नामक एक महिला की दुखद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतका देर रात शौच के लिए घर से बाहर निकली थीं, तभी गहरे पानी में गिरने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना साहिबगंज में बाढ़ के कारण हो रही मौतों का सिलसिला बयां करती है। पुष्पा देवी की मौत सदर प्रखंड में बाढ़ से हुई तीसरी मौत है, जबकि पूरे जिले की बात करें तो पिछले पांच दिनों के भीतर डूबने से चार लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन की ओर से लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है, लेकिन बाढ़ की विभीषिका के सामने आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है।

बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 11 सितंबर को गंगा का जलस्तर 28.72 मीटर के खतरनाक निशान तक पहुंच गया था, जो पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड है। दियारा क्षेत्र के कई गांवों में स्थिति विकट बनी हुई है, जहां लोग अपने घरों को छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं, जो परिवार अभी भी घरों में टिके हुए हैं, वे चारों ओर से पानी से घिरे होने के कारण अत्यंत कठिनाई में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
इस आपदा के बीच सबसे बड़ी चुनौती लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना है। शौच और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पानी के बीच से गुजरना लोगों के लिए जानलेवा जोखिम बन गया है, खासकर रात के समय जब दृश्यता कम होती है। साहिबगंज की यह दुखद घटना केवल एक मौत का आंकड़ा नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की व्यथा है जो इस जल-प्रलय के बीच हर पल अनिश्चितता और खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं।





