

"झारखंड के हजारीबाग में अपराधियों ने होटल AK इंटरनेशनल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना के बाद राहुल दुबे के नाम से सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें कोयला कारोबारियों को भी चेतावनी दी गई है।"
झारखंड के हजारीबाग जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। मटवारी स्थित होटल AK इंटरनेशनल पर गुरुवार रात करीब 10:10 बजे तीन से चार अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। अपराधियों ने होटल के मुख्य प्रवेश द्वार को निशाना बनाया, जिससे शीशे का दरवाजा पूरी तरह टूट गया। गनीमत यह रही कि होटल का सुरक्षा गार्ड इस हमले में बाल-बाल बच गया और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर राहुल दुबे के नाम से एक कथित प्रेस विज्ञप्ति तेजी से वायरल होने लगी। इस वायरल पोस्ट में होटल AK इंटरनेशनल पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में अभय सिंह का नाम घसीटते हुए यह आरोप लगाया गया है कि फोन कॉल्स और मैसेज का जवाब न मिलने की वजह से इस होटल को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, वायरल संदेश में अभय सिंह और उनके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है, जिससे हड़कंप मच गया है।

इस सनसनीखेज मामले की आंच सिर्फ होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि वायरल पोस्ट में हजारीबाग के कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी खुली चेतावनी दी गई है। पोस्ट में कारोबार करने के एवज में कथित तौर पर संपर्क और 'मैनेजमेंट' करने की बात कही गई है। साथ ही, संदेश में संजय करमाली, सोनाराम मांझी, नितेश साव और पप्पू खान जैसे कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इतना ही नहीं, न्यू बिरसा साइडिंग में कथित अवैध कोयला उत्खनन, उठाव और सिंडिकेट चलाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और एडिशनल एसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह तथा कोर्रा थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और अपराधियों की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस के सामने अपराधियों को पकड़ने और वायरल पोस्ट की सत्यता की जांच करने की दोहरी चुनौती है, जबकि इस दुस्साहसिक वारदात से शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी डर का माहौल व्याप्त है।





