Election
2 min read

वोटर लिस्ट से नाम काटना अब नहीं होगा आसान, चुनाव आयोग ने 17 राज्यों के लिए जारी किए सख्त नियम

Published on October 16, 2026
Loading Photograph...
वोटर लिस्ट से नाम काटना अब नहीं होगा आसान, चुनाव आयोग ने 17 राज्यों के लिए जारी किए सख्त नियम
AI Insight

"चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को लेकर नए और कड़े निर्देश जारी किए हैं। 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होने वाले इन नियमों के तहत अब वोटर लिस्ट से नाम काटने की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।"

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने बेहद सख्त और नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का नया कार्यक्रम घोषित किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न छूट पाए और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो सके। साथ ही, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं।

नए निर्देशों के अनुसार, यदि किसी मतदान केंद्र की मतदाता सूची से 2 प्रतिशत से अधिक नाम हटाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को प्रत्येक मामले का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक मामलों में नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराता है, तो उन सभी मामलों की विशेष जांच की जाएगी। आयोग ने फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने वाले आवेदनों की अधिकतम सीमा तय करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे बड़ी संख्या में फर्जी या अनावश्यक आवेदन दाखिल करने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।

Article media

चुनाव आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, इन 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाताओं को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक का समय दिया जाएगा। इन सभी आपत्तियों और दावों का निपटारा 28 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि अंतिम और संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन आगामी 4 जनवरी 2027 को किया जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने देश के सभी मतदाताओं को सलाह दी है कि वे ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद उसमें अपना नाम, पता और अन्य विवरण अच्छी तरह जांच लें। यदि सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम छूट जाता है या किसी जानकारी में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो वे निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न हो।

Similar Articles

No similar articles found.

Truth24x7 High-Resolution Media
AI Insight
Sponsored Ad Placement Loading...