

"भारतीय चुनाव आयोग ने आंतरिक टिप्पणियों और कार्यप्रणाली पर सफाई देते हुए कहा है कि ड्राफ्ट तैयार करते समय सुझाव देना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।"
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने अपनी कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने कहा है कि नीति या दस्तावेजों का ड्राफ्ट तैयार करने के दौरान आयुक्तों और अधिकारियों की ओर से सवाल, सुझाव व टिप्पणियां देना सामान्य प्रशासनिक एवं विचार-विमर्श की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।
23 सितंबर को जारी प्रेस नोट में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत काम करने वाली एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है। ECI के मुताबिक, उसके सभी आधिकारिक आदेश, निर्णय और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानून और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जारी किए जाते हैं।

आयोग ने पिछले 10 महीनों में करीब 40 नई पहल शुरू करने का दावा किया है, जिसमें मतदाता सूची से जुड़ा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) जैसी चुनावी सुधार प्रक्रिया भी शामिल है। ECI ने जोर देकर कहा कि ये सभी बड़े फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों के आधार पर ही लिए गए हैं।
इसके अलावा, आयोग ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET की डेटा सुरक्षा पर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसके सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद कड़े हैं। अंत में ECI ने दोहराया कि वह देश के संविधान के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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