

"प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट मामले में झारखंड के जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की है।"
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 734 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जी जीएसटी (GST) इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ED की रांची टीम ने झारखंड के जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल में एक साथ कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है, जिसके तहत जमशेदपुर में तीन और पश्चिम बंगाल में चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य आरोपियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जीवाड़े के मामलों की कड़ियों को जोड़ने के लिए की जा रही है। जमशेदपुर में जिन परिसरों पर केंद्रीय एजेंसी की टीमें पहुंची हैं, उनका संबंध ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके अकाउंटेंट संजय पारेख समेत अन्य संदिग्धों से बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे घोटाले में झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में लगभग 135 शेल कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय पाया गया है। इन फर्जी कंपनियों के जरिए बिना किसी वास्तविक सामान या सेवाओं की आपूर्ति के करोड़ों के फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए, जिसके आधार पर बड़े पैमाने पर फर्जी ITC जनरेट कर उसका अवैध इस्तेमाल किया गया।
गौरतलब है कि ED इस मामले में पहले भी कई मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चुकी है और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अदालत में शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। ताज़ा छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।





