

"देशभर में पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया है।"
देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मामलों के बाद मोदी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में सुधार के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है, जिसकी अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे।
यह टास्क फोर्स अगले 36 दिनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसमें साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए रोडमैप तैयार करेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में परीक्षाओं को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाएगा ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके। इसके साथ ही, सरकार संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक भी पेश करने जा रही है। इस नए कानून के तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को भरोसा दिलाया है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।





