

"दुमका के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की छात्रा की मौत के मामले में छात्रों का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर चौक को जाम किया गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने SIT का गठन कर दिया है।"
दुमका के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में सोमवार को झारखंड छात्र सभा के बैनर तले सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। एसपी कॉलेज मैदान से शुरू हुआ यह विरोध मार्च अंबेडकर चौक पर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को सख्त न्याय दिलाने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका गत शुक्रवार को गाय लाने के लिए खेत की ओर गई थी और देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा तलाश किए जाने के बाद उसका शव घर से लगभग 500 मीटर दूर झाड़ियों में बरामद हुआ। इस घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में शोक के साथ-साथ भारी गुस्सा है, जो अब बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है।

शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में छात्रा के साथ गंभीर अपराध और हत्या की आशंका जताई गई है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संताल परगना के डीआईजी अंबर लकड़ा के निर्देश पर दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस एसआईटी में दुमका और पाकुड़ के कई तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की खबर है और टीम हर पहलू से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय लोगों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी दोषियों को बेनकाब कर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।





