

"सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना स्थित तैबा बिजली वितरण स्टेशन पर ड्रोन से हमला किया गया है। सऊदी गठबंधन ने इसके लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हूती गुट ने आरोपों का खंडन किया है।"
सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में एक बिजली वितरण स्टेशन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस खतरनाक हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को सीधा जिम्मेदार ठहराया है। यह हमला मदीना के महत्वपूर्ण तैबा (Taibah) बिजली वितरण स्टेशन पर हुआ, जिससे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, निशाना बनाया गया तैबा बिजली वितरण स्टेशन एक महत्वपूर्ण नागरिक सुविधा है, जो ऐतिहासिक मस्जिद-ए-नबवी (Prophet’s Mosque) को बिजली उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इस हमले के कारण स्टेशन का एक पावर ट्रांसफॉर्मर सेवा से पूरी तरह बाहर हो गया, हालांकि गनीमत यह रही कि इससे पूरे बिजली नेटवर्क की सप्लाई पर बड़ा असर नहीं पड़ा।

घटना के तुरंत बाद सऊदी गठबंधन ने ड्रोन के मलबे और शुरुआती तकनीकी जांच के आधार पर हूती संगठन की इस हमले में संलिप्तता का दावा किया है। सऊदी प्रशासन ने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय शांति पर एक कायराना हमला करार दिया है। दूसरी ओर, हूती संगठन से जुड़े एक सैन्य सूत्र ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हमले में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है।
यह सनसनीखेज घटना ऐसे समय में घटी है जब सऊदी अरब और हूतियों के बीच क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है। मदीना में हुए इस ड्रोन हमले के बाद यमन क्षेत्र में भी नए सिरे से हवाई हमलों और जमीनी संघर्ष की आशंकाओं ने जन्म ले लिया है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नजर बनी हुई है।





