

"चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से झारखंड का मौसम बदल गया है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को भारी से बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।"
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब झारखंड के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 29 अक्टूबर को झारखंड के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने राज्य में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान के प्रभाव से राज्य में 28 से 30 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहने की पूरी संभावना है। राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, जिसके चलते तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। 29 अक्टूबर को मुख्य रूप से चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

इससे पहले मौसम विभाग द्वारा गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा चुका है। इन सभी इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण राज्य के कई शहरों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे सड़क यातायात और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
IMD के बुलेटिन के अनुसार 30 अक्टूबर तक लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है और आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे वज्रपात के दौरान खुले मैदानों में न जाएं, पेड़ों व बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और तेज हवाओं के वक्त कमजोर छतों या अस्थायी ढांचों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।





