

"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन का दशकर्म संस्कार पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूरा किया।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस दौरान परिवार के सदस्यों, परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में सभी अनुष्ठान पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के अनुसार संपन्न किए गए। मुख्यमंत्री ने पारिवारिक परंपराओं और स्थानीय सामाजिक रीति-रिवाजों का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया।
नेमरा गांव में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार के सदस्यों और परिजनों ने भी परंपरा के अनुरूप रस्मों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा आयोजन गहरी श्रद्धा, आस्था और पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है, और गणमान्य लोग लगातार अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में इस दौरान पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं के अनुसार सभी आवश्यक धार्मिक अनुष्ठान किए गए। स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस अवसर पर गांव और परिवार के बीच के गहरे सामाजिक जुड़ाव को भी दर्शाया। झारखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में दशकर्म संस्कार का विशेष और पवित्र महत्व माना जाता है।
यह संस्कार दिवंगत आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने और पारिवारिक धार्मिक परंपराओं के निर्वहन से जुड़ा होता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवार के अन्य सदस्यों, परिजनों और ग्रामीणों के साथ मिलकर अपनी माता के दशकर्म की सभी रस्में पूरी कीं। नेमरा में संपन्न हुए इन अनुष्ठानों ने एक बार फिर स्थानीय रीति-रिवाजों और सामाजिक मर्यादाओं के प्रति परिवार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।





