

"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत माता रूपी सोरेन की स्मृति में पारंपरिक रीति-रिवाजों को निभाते हुए भावुक नजर आए।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत माता रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित पारंपरिक कार्यक्रमों के दौरान काफी भावुक नजर आए। मां की यादें, नम आंखें और परंपराओं के बीच यह एक बेहद संवेदनशील पल था, जिसमें उन्होंने अपनी मां को पूरी श्रद्धा के साथ याद किया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी दिवंगत माता की आत्मा की शांति के लिए दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की। इस दौरान उन्होंने पूरी सादगी और निष्ठा के साथ मां को नमन किया और अपनी अश्रुपूर्ण आंखों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस भावुक अवसर पर नेमरा गांव में मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य, सगे-संबंधी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। स्थानीय परंपराओं के अनुसार संपन्न हुए इन आयोजनों के दौरान परिवार के प्रति सम्मान और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की गहरी भावना देखने को मिली।
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हेमंत सोरेन ने अपनी मां की स्मृति में सभी सामाजिक और पारंपरिक दायित्वों का पूरी तरह से पालन किया। मां की स्मृति में निभाई गई ये रस्में केवल एक पारिवारिक परंपरा नहीं, बल्कि अपनी माटी, संस्कारों और मातृप्रेम के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक हैं।





