

"नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार की CBI या हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की है।"
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मरांडी ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे CBI या झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में जांच कराने का आग्रह किया है।
अपने पत्र में, बाबूलाल मरांडी ने पिछले दस वर्षों के दौरान काउंसिल द्वारा जारी किए गए सभी NOC, मान्यताओं, सीट आवंटन और डिग्रियों का व्यापक ऑडिट कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा केवल फाइलों तक सीमित न रहकर संबंधित मंत्रियों, उच्चाधिकारियों, काउंसिल के पदाधिकारियों और बिचौलियों की संलिप्तता तक होना चाहिए।
मरांडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में राज्य के किसी भी निर्दोश विद्यार्थी का भविष्य दांव पर नहीं लगना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष का मानना है कि पिछले एक दशक में हुए फैसलों की समीक्षा से भ्रष्टाचार की परतें खुलेंगी और प्रणाली में सुधार होगा।





