

"नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को AI और डिजिटल गवर्नेंस का केंद्र बनाने की दीर्घकालिक योजना पेश की, साथ ही JIADA में आदिवासी उद्यमियों की रियायत 25% से बढ़ाकर 50% करने के निर्देश दिए।"
नई दिल्ली/रांची: झारखंड को पारंपरिक उद्योगों की परिधि से बाहर निकालकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की कवायद तेज हो गई है। नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दूसरे और अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास का दीर्घकालिक विजन सामने रखते हुए उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों और निवेशकों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार शॉर्ट-टर्म योजनाओं के बजाय लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप पर भरोसा कर रही है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और नवाचार के जरिए झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य में शोध संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और निवेशकों का स्वागत किया जाएगा। हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं और नीतियों को तय समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए ताकि निवेश का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अतीत में बेहतर संवाद की कमी को झारखंड की संभावनाओं के दुनिया के सामने न आ पाने का कारण बताते हुए कहा कि अब सरकार निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी। उन्होंने आदिवासी समाज की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। जियाडा (JIADA) में आदिवासी उद्यमियों को मिलने वाली 25 प्रतिशत रियायत को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में स्थानीय लोगों और खासकर आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।





