

"झारखंड के चतरा जिले में मयूरहंड के एक निजी मेडिकल में इलाज के बाद 18 महीने के बच्चे की मौत पर भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया।"
झारखंड के चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र अंतर्गत करमा रोड स्थित अपना मेडिकल सह अस्पताल में इलाज के बाद 18 महीने के एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और परिजनों ने मेडिकल संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतक बच्चे की पहचान विवान कुमार के रूप में हुई है, जिसे सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के संचालक और चिकित्सक अरुण कुमार दांगी द्वारा गलत इलाज और इंजेक्शन दिए जाने के कारण बच्चे की तबीयत अचानक काफी ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार के लोग उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग ले जा रहे थे, जहां रास्ते में या अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आक्रोशित परिजनों ने शव को करमा-पचमो मुख्य सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मयूरहंड थाना प्रभारी राहुल दुबे तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इस बीच, जब मीडिया और पुलिस ने अस्पताल की पड़ताल की तो मेडिकल में ताला बंद मिला और संचालक अरुण कुमार दांगी मौके से फरार पाया गया, जिससे मामले में संदेह और गहरा गया है।
दूसरी ओर, आरोपी मेडिकल संचालक अरुण कुमार दांगी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि बच्चे की मौत इलाज के दौरान नहीं, बल्कि पानी से भरे एक गमले में गिरने की वजह से हुई है। फिलहाल, बच्चे की मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा और पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।





